देहरादून। उत्तराखंड राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आज अपने फेसबूक एकाउंट मे पोस्ट जारी करते हुये लिखा हैं की सरकार ने हमारी दो बहुत ही नामचीन संस्थाओं के नाम को बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और पब्लिक सर्विस कमीशन (लोक सेवा आयोग)। इस बार लोक सेवा आयोग ने जो सिलेबस जारी किया पीसीएस मेंस की परीक्षा के लिए उसमें अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम, दोनों के लिए सिलेबस में एक बड़ा अंतर पैदा कर दिया, जब उसमें आलोचना हुई तो उसको रेक्टिफाई करने के नाम पर अब आयोग ने परीक्षा रख दी है अगले कुछ ही दिनों के अंदर और सिलेबस जारी किया है बहुत लेट, तो कम से कम पीसीएस मेंस जैसी परीक्षा के लिए अभ्यार्थियों को तैयारी के लिए एक-डेढ़ महीना मिलना चाहिए। ऐसा लगता है कि पब्लिक सर्विस कमीशन में कुछ ऐसे लोग बैठे है जो इन संवेदनशील बातों को नहीं समझ रहे हैं और यह अभ्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ मुद्दा है और मुझे आश्चर्य है कि एक हफ्ते के अंदर लोक सेवा आयोग यह उम्मीद कर रहा है कि अभ्यर्थी तैयारी भी कर लेंगे और परीक्षा उत्तीर्ण कर लेंगे। जो संबंधित लोग है मैं उनका ध्यान इस बात की ओर आकृष्ट करना चाहता हूं कि इतने एडहॉक मैनर के साथ पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षाएं आयोजित नहीं होनी चाहिए, इससे हमारे आयोग का नाम जो पहले ही कुछ बट्टा लग चुका है, उस पर और प्रश्न चिन्ह खड़े होंगे?
पूर्व मुख्यमंत्री को पसंद नहीं आ रहा नामचीन संस्थाओं का नाम बिगाड़ना

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