भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। नेपाल सरकार ने लिपुलेख दर्रे के माध्यम से प्रस्तावित कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर भारत और चीन को औपचारिक विरोध पत्र भेजा है। नेपाल का कहना है कि लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा क्षेत्र उसके संप्रभु भूभाग का हिस्सा हैं, इसलिए बिना उसकी अनुमति इस मार्ग का उपयोग स्वीकार्य नहीं है।
वहीं भारत के विदेश मंत्रालय ने नेपाल की इस आपत्ति को अनुचित बताते हुए कहा कि लिपुलेख मार्ग लंबे समय से पारंपरिक रूप से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए इस्तेमाल होता रहा है। भारत ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया निर्णय नहीं है और इस पर आपत्ति का कोई औचित्य नहीं है।


