देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने SARTHAK-PDS योजना को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए वर्ष 2026 से 2031 तक कुल ₹25,530 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।
सरकार का उद्देश्य देशभर में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और लाभार्थियों तक राशन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। योजना के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग (ML), ब्लॉकचेन और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा सकेगी।
SARTHAK-PDS योजना के लागू होने से राशन की ढुलाई, भंडारण और वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही, फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाने में भी मदद मिलेगी। सरकार का दावा है कि इस पहल से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आने वाले 81 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना देश में खाद्य सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


