नई दिल्ली:
करीब 32 वर्षों से लंबित यमुना जल बंटवारे का समझौता आखिरकार लागू होने जा रहा है। हरियाणा और राजस्थान सरकारों ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत राजस्थान को हर वर्ष जुलाई से अक्टूबर तक यमुना नहर प्रणाली के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
यह समझौता राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस व्यवस्था के तहत तीन भूमिगत पाइपलाइन के जरिए राजस्थान तक पानी पहुंचाया जाएगा।
यह कदम वर्ष 1994 में हुए उस समझौता ज्ञापन (MoU) को लागू करने की दिशा में अहम माना जा रहा है, जिसमें अपर यमुना बेसिन के उपयोग योग्य सतही जल के बंटवारे का प्रावधान किया गया था। हालांकि, आवश्यक नहर प्रणाली के अभाव में यह समझौता अब तक अमल में नहीं आ सका था।
नई व्यवस्था से राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों को पेयजल आपूर्ति में मदद मिलेगी। वहीं हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद क्षेत्रों को भी इस परियोजना से लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि इस समझौते के लागू होने से लंबे समय से लंबित यमुना जल परियोजना को गति मिलेगी और दोनों राज्यों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी।

