अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को लेकर अपना अनुमान बढ़ा दिया है। आईएमएफ के अक्टूबर 2026 के अनुमान के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था 2026-27 और 2027-28 में 7 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। इस संशोधन के साथ भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति बनाए रख सकता है।
आईएमएफ ने इससे पहले जुलाई में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। अब इसे बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह, वित्त वर्ष 2027-28 के लिए विकास दर का अनुमान 6.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया गया है।
मजबूत घरेलू मांग से अर्थव्यवस्था को सहारा
आईएमएफ के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था का उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी की प्रमुख वजह है। देश में घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है और सेवा क्षेत्र में गतिविधियां आर्थिक वृद्धि को गति दे रही हैं। भारत का विशाल घरेलू बाजार, अनुकूल जनसांख्यिकीय स्थिति और आर्थिक सुधार भी विकास की संभावनाओं को मजबूत करने वाले कारक हैं।
भारत की आर्थिक वृद्धि का यह अनुमान ऐसे समय आया है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था को भू-राजनीतिक तनाव और महंगे कच्चे तेल जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद आईएमएफ ने भारत की विकास दर को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है।
हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव, ऊर्जा की कीमतों और महंगाई का असर आगे भी आर्थिक प्रदर्शन पर पड़ सकता है। ऐसे में भारत की वास्तविक विकास दर घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी।


