आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता बन गया है। जब भी ब्लड प्रेशर बढ़ने की बात आती है, तो अक्सर सबसे पहले नमक का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है। ज्यादा नमक खाना निश्चित रूप से इसका एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है, लेकिन इसके अलावा भी रोजमर्रा की कई आदतें ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, शारीरिक गतिविधियों की कमी, मोटापा, असंतुलित खानपान और शराब का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। वहीं, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, तनाव, नींद के दौरान सांस लेने में रुकावट और कुछ दवाएं भी ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं में भूमिका निभा सकती हैं।
1. पर्याप्त नींद न लेना: नींद की अवधि और गुणवत्ता का संबंध हृदय स्वास्थ्य से है। लगातार कम या खराब नींद लेने पर ब्लड प्रेशर सहित कई स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं। नियमित सोने-जागने का समय बनाए रखना फायदेमंद हो सकता है।
2. लगातार तनाव में रहना: तनाव के दौरान शरीर में ऐसे बदलाव होते हैं, जिनसे हृदय गति और ब्लड प्रेशर अस्थायी रूप से बढ़ सकते हैं। लंबे समय तक तनाव रहने पर खानपान, नींद और व्यायाम की आदतें भी प्रभावित हो सकती हैं।
3. दिनभर बैठे रहना: शारीरिक गतिविधि की कमी और लंबे समय तक निष्क्रिय रहना उच्च रक्तचाप के जोखिम से जुड़ा है। नियमित पैदल चलना और अपनी दिनचर्या में व्यायाम शामिल करना मददगार हो सकता है।
4. जरूरत से ज्यादा कैफीन लेना: कॉफी, चाय और एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर थोड़े समय के लिए बढ़ा सकता है। इसका असर व्यक्ति की संवेदनशीलता और सेवन की मात्रा पर निर्भर करता है।
5. शराब का अधिक सेवन: नियमित रूप से ज्यादा शराब पीना ब्लड प्रेशर बढ़ने के जोखिम से जुड़ा है। इसके सेवन को सीमित करना या इससे बचना स्वास्थ्य के लिए बेहतर हो सकता है।
इसके अलावा, मोटापा, स्लीप एपनिया और कुछ दवाएं भी ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ दर्द निवारक और सर्दी-जुकाम की दवाएं भी इस पर असर डाल सकती हैं। इसलिए डॉक्टर से सलाह लिए बिना कोई निर्धारित दवा बंद नहीं करनी चाहिए।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है। साथ ही, समय-समय पर रक्तचाप की जांच कराते रहें, क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर कई बार बिना स्पष्ट लक्षणों के भी बना रह सकता है।


