नई दिल्ली । न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी समेत 12 पुरानी मांगों पर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने नए सिरे से किसान आंदोलन 2.0 की रणनीति बनाई है। नई रणनीति के तहत एक अगस्त से 22 सितंबर तक एसकेएम पूरे देश में कई विरोध कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। संगठन ने किसानों के दिल्ली कूच का आह्वान करते हुए तीन साल पहले गणतंत्र दिवस की तरह इस बार स्वतंत्रता दिवस पर ट्रैक्टर रैली का आयोजन करने और तीन नए आपराधिक कानूनों की प्रतियां जलाने की घोषणा की है। राजधानी के कांस्टिट्यूशन क्लब में बैठक के बाद एसकेएम ने एक अगस्त को राजधानी समेत देशभर के जिला मुख्यालयों में सरकार की अर्थी यात्रा निकालने की घोषणा की है। संगठन ने देशभर के किसानों का हरियाणा सीमा पर आंदोलनरत किसानों के समर्थन में दिल्ली कूच करने का आह्वान किया है। किसान आंदोलन के 200 दिन पूरा होने के मौके पर 31 अगस्त को किसानों का शंभू सीमा समेत अन्य सीमाओं पर दिल्ली कूच के लिए जुटने का आह्वान किया गया है। आंदोलन के दूसरे पड़ाव में एसकेएम ने हरियाणा और यूपी में तीन रैलियां आयोजित करने की घोषणा की है। इसके तहत हरियाणा के जिंद और पीपली में 15 और 22 सितंबर जबकि यूपी के संभल में एक सितंबर को रैली का आयोजन किया जाएगा। गौरतलब है कि हरियाणा में अक्तूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। सरकार पर छल करने का आरोप: एसकेएम ने सरकार पर छल करने का आरोप लगाते हुए आरपार की जंग की घोषणा की है। गौरतलब है कि किसान एमएसपी पर कानूनी गारंटी देने, आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने, इस दौरान जिन किसानों का निधन हुआ उनकी स्मृति में स्मारक बनाने, तीनों आपराधिक कानून वापस लेने, विश्व व्यापार संगठन से नाता तोडऩे की मांग कर रहे हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा का दिल्ली कूच का एलान 15 अगस्त को करेंगे ट्रैक्टर रैली

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