रतलाम/इन्दौर । उत्तरी केरल का मालाबार क्षेत्र नारियल की खेती के लिए जाना जाता है, क्योंकि अनुकूल जलवायु के चलते यहां गर्मी नमी और अच्छी बारिश होती है, जिससे नारियल की खेती के लिए यह स्थान एकदम सही है। आपको बता दें कि बेहतर नारियल तेल के लिए अच्छे नारियल बहुत ज़रूरी हैं और उत्तरी मालाबार प्रीमियम ग्रेड के नारियल के उत्पादन के लिए जाना जाता है, यही वजह है कि ऑयल ऑफ मालाबार ब्रांड अपने उत्पाद के लिए लगभग 10% नारियल तेल मालाबार से लेता है, ताकि अच्छे नारियल तेल का निर्माण किया जा सके। ऑयल ऑफ मालाबार रतलाम सहित मध्य प्रदेश में भी उपलब्ध हैं। ऑयल ऑफ मालाबार रतलाम सहित मध्य प्रदेश में भी उपलब्ध हैं। कम ही लोगों को पता होगा कि मालाबार तट पर सदियों से नारियल के पेड़ों की खेती की जा रही है, ऐतिहासिक प्रमाण बताते हैं कि हज़ारों सालों से नारियल के पेड़ इस क्षेत्र की मुख्य फसल थे और यह नारियल के व्यापार का भी प्रमुख केंद्र था। ऑयल अरब सागर के साथ मालाबार तट की महत्वपूर्ण स्थिति के कारण यहां अरब और यूरोपीय व्यापारियों के साथ नारियल का व्यापार किया जाता था। उत्तरी मालाबार में नारियल की अच्छी किस्में उगाई जाती हैं, यहां की जलवायु, भरपूर बारिश और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी के कारण नारियल में तेल की मात्रा भी अधिक होती है और उनका स्वाद भी बेहतर होता है। यहां के अधिकांश किसान आज भी रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग न करके खेती के पारंपरिक तरीके अपनाते हैं, जिससे नारियल का प्राकृतिक स्वाद और पोषण बना रहता है। ऑयल ऑफ मालाबार में नारियल के प्राकृतिक गुणों को बनाए रखने के लिए कठोर मापदंडों का पालन किया जाता है, स्थानीय सहकारी समितियां और कृषि संगठन खेती से लेकर कटाई, सुखाने की प्रक्रिया और प्रोसेसिंग तक गुणों के मापदंडों को बनाए रखते हैं, ताकि कटाई के बाद भी नारियल की ताज़गी और शुद्धता बनी रहे और तेल का भी अधिक उत्पादन हो पाए।ऑयल ऑफ मालाबार रतलाम सहित मध्य प्रदेश में भी उपलब्ध हैं।
ऑयल ऑफ मालाबार अब रतलाम में भी उपलब्ध

You Might Also Like
Sign Up For Daily Newsletter
Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Stay Connected
- Advertisement -

