भारत को ‎शिक्षा खर्च बढ़ाकर जीडीपी 6 फीसदी करने की जरूरत: सीआईआई

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नई ‎दिल्ली । भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें उन्होंने बताया कि भारत को शिक्षा पर जीडीपी का 6 फीसदी खर्च करना चाहिए। इसके लिए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से भारत का शिक्षा पर खर्च जीडीपी के 2.7 से 2.9 फीसदी तक ही रही है, जबकि विकसित देशों में यह खर्च 5 से 7 फीसदी तक है। भारत में माध्यमिक स्कूलों में नामांकन दर की भी चिंता है। यहां नामांकन दर 79.6 फीसदी है, जो अन्य देशों के मुकाबले कम है। उदाहरण के लिए, ब्रिटेन, स्वीडन, और यूएसए में यह दर 98 से 100 फीसदी के बीच है। सीआईअआई की रिपोर्ट में इसके साथ ही बताया गया है कि भारत को चीन, ऑस्ट्रेलिया, स्वीडन, और यूके के मॉडल से अधिक सीखने की आवश्यकता है। रिपोर्ट के अनुसार भारत को अपने शिक्षा बजट को बढ़ाकर, वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने की जरूरत है। स्वीडन और अमेरिका जैसे देशों ने अपने शिक्षा पर निवेश को बढ़ाया है, और सीआइआइ का मानना है कि भारत को भी इस दिशा में कदम उठाना चाहिए। शिक्षा पर उचित निवेश न करने से वैश्विक मानकों के हिसाब से सुधार मुश्किल हो सकता है। इस रिपोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भारत को अपने शिक्षा क्षेत्र में निवेश में बदलाव की जरूरत है ताकि हम विकसित देशों के साथ टकराव कर सकें और एक उचित शिक्षा व्यवस्था को बनाए रख सकें।

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