दिव्य रजत मुकुट और चंदन से सजे उज्जैन के राजा,

admin
2 Min Read

 विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है. बाबा महाकाल के दरबार में होने वाली भस्म आरती देश ही नहीं विदेशों में भी प्रसिद्ध है. रविवार के दिन भी बाबा का मनमोहक रूप में सजाया किया गया.
 बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्व प्रशिद्ध महाकाल तीसरे नंबर पर विराजमान है. रविवार तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोलने के पश्चात भगवान महाकाल को जल से स्नान कराया गया.
 इसके बाद बाबा महाकाल का भव्य शृंगार करने से पहले पण्डे पुजारियों ने दूध, दही, घी, शहद फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा महाकाल का अभिषेक पूजन किया. इस अलौकिक शृंगार को जिसने भी देखा वह देखता ही रह गया.
 रोजाना बाबा का अलग अलग रूप में श्रंगार किया जाता है. उज्जैन के राजा भगवान महाकाल को कपूर आरती कर भोग लगाया गया. मंत्रोच्चार के साथ भगवान को आभूषण से भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया. भस्म अर्पित करने के पश्चात शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुंडमाला और रुद्राक्ष की माला के साथ साथ सुगंधित पुष्प से बनी फूलों की माला अर्पित की गई.
 उज्जैन के राजा फल और मिष्ठान का भोग लगा कर आरती की गई. भगवान ने निराकार से साकार रूप में दर्शन दिए. रोजाना की तरह हजारों भक्तों ने भस्म आरती में भगवान के दर्शन किए. बाबा का मनमोहक रूप देख भक्त निहाल हो गए.

Share This Article