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मारुति सुजुकी बनी पहली ऑटोमेकर, जिसने कारों की कश्मीर में रेलमार्ग से आपूर्ति की

भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में एक ऐतिहासिक घटना हुई है। मारुति सुजुकी ने कश्मीर घाटी में भारतीय रेलवे के माध्यम से कारों की आपूर्ति करने वाली पहली कंपनी बनने का गौरव हासिल किया है। यह पहल लॉजिस्टिक क्षमता, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कंपनी की पहली खेप में 116 से अधिक वाहन शामिल थे, जिनमें लोकप्रिय मॉडल जैसे ब्रेज़ा, डिज़ायर, वैगनआर और एस-प्रेसो शामिल थे। यह खेप मानेसर स्थित मारुति सुजुकी के इन-प्लांट रेलवे साइडिंग से रवाना हुई और जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग रेलवे टर्मिनल तक पहुंची।

इस मार्ग में ट्रेन ने लगभग 850 किलोमीटर की दूरी तय की और विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज, चेनाब ब्रिज से होकर गुज़री। यह ब्रिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का हिस्सा है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद कर रहा है।

मारुति सुजुकी का मानेसर इन-प्लांट रेलवे साइडिंग भारत का सबसे बड़ा इन-प्लांट रेलवे साइडिंग है, जिसकी वार्षिक ढुलाई क्षमता लगभग 4.5 लाख वाहन है। इस पहल से लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ेगी और कंपनी का कार्बन फुटप्रिंट भी कम होगा।

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