आज पूरे भारत में अक्षय तृतीया (आखा तीज) का पावन पर्व बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, यह दिन अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है, क्योंकि इस तिथि पर किए गए दान, जप, तप और पुण्य कर्मों का फल कभी समाप्त नहीं होता।
‘अक्षय’ शब्द का अर्थ ही है — जो कभी क्षीण न हो। इसी कारण इस दिन किए गए सभी शुभ कार्यों का फल अनंतकाल तक मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह तिथि भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
अक्षय तृतीया को ‘अबूझ मुहूर्त’ भी कहा जाता है। इसका अर्थ है कि इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, नए व्यापार की शुरुआत या किसी भी प्रकार की खरीदारी के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती। यह दिन अपने आप में सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है।
देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, बाजारों में भी रौनक देखने को मिल रही है, जहां लोग सोना, चांदी और अन्य कीमती वस्तुओं की खरीदारी कर रहे हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया निवेश निरंतर बढ़ता है और जीवन में समृद्धि लाता है।


