भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। हैदराबाद स्थित स्पेस-टेक कंपनी Skyroot Aerospace ने 2026 में यूनिकॉर्न क्लब में शामिल होकर नया इतिहास रच दिया है। कंपनी की वैल्यूएशन अब 1.1 बिलियन डॉलर से अधिक हो गई है, जिसके साथ यह वर्ष 2026 का भारत का चौथा यूनिकॉर्न स्टार्टअप बन गया है।
हाल ही में कंपनी ने लगभग 60 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग जुटाई है। इस निवेश दौर में GIC, Sherpalo Ventures और BlackRock जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों ने हिस्सा लिया। निवेशकों का मानना है कि आने वाले समय में भारत का निजी स्पेस सेक्टर दुनिया के बड़े बाजारों को चुनौती दे सकता है।
Skyroot Aerospace भारत की पहली निजी कंपनी है जिसने स्वदेशी तकनीक के जरिए रॉकेट लॉन्चिंग की दिशा में बड़ी प्रगति की है। कंपनी अपने महत्वाकांक्षी “Vikram-1” ऑर्बिटल रॉकेट मिशन की तैयारी में जुटी हुई है। इस मिशन को भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि Skyroot की यह सफलता केवल एक कंपनी की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के स्पेस सेक्टर के लिए नई शुरुआत है। इससे देश में नई टेक्नोलॉजी, रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही यह उपलब्धि भारतीय युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।


