E20 पेट्रोल नीति पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी देने की मांग

Daily Prime Desk
2 Min Read

नई दिल्ली:
देश में E20 पेट्रोल (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के चरणबद्ध विस्तार के बीच सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें इस नीति के क्रियान्वयन को लेकर पारदर्शिता और उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने अपनी याचिका में दावा किया है कि E20 ईंधन के उपयोग को लेकर उपभोक्ताओं के सामने “मौन बाध्यता” जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, यदि उन्हें ईंधन की संरचना, वाहन संगतता और उपलब्ध विकल्पों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी जाती।

हालांकि याचिका में भारत की एथेनॉल मिश्रण नीति को वापस लेने की मांग नहीं की गई है। इसके बजाय, इसमें E20 पेट्रोल की रासायनिक संरचना, पुराने वाहनों पर इसके संभावित प्रभाव और उपलब्ध सुरक्षा उपायों से संबंधित जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करने की मांग की गई है।

याचिका में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 सहित विभिन्न संवैधानिक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उपभोक्ताओं को उत्पाद की गुणवत्ता, मानक और अनुकूलता से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है।

दूसरी ओर, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि E20 अनुकूल वाहनों का व्यापक परीक्षण किया जा चुका है और सरकार ने चरणबद्ध तरीके से इसके उपयोग को बढ़ाने की योजना बनाई है।

Share This Article