10 मिनट की डिलीवरी से आगे बढ़ा क्विक-कॉमर्स बाजार, अब असली सवाल कमाई का

Daily Prime Desk
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भारत का क्विक-कॉमर्स बाजार अब सिर्फ 10 मिनट में सामान पहुंचाने, ज्यादा डार्क स्टोर खोलने और ऑर्डर की संख्या बढ़ाने की होड़ तक सीमित नहीं रह गया है। Blinkit, Instamart और Zepto जैसे बड़े खिलाड़ी अब ऐसे दौर में प्रवेश कर रहे हैं, जहां कारोबार के पैमाने के साथ मुनाफा कमाना सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

Q1 FY27 के आंकड़े इस बदलाव की तस्वीर साफ करते हैं। Blinkit क्विक-कॉमर्स क्षेत्र का प्रमुख बड़ा खिलाड़ी है जिसने इस स्तर पर adjusted EBITDA में सकारात्मक आंकड़ा दर्ज किया। Eternal के मुताबिक, जून 2026 को समाप्त तिमाही में Blinkit का adjusted EBITDA ₹102 करोड़ रहा। कंपनी ने इस दौरान 331 मिलियन ऑर्डर प्रोसेस किए और उसके डार्क स्टोर्स की संख्या 2,443 तक पहुंच गई।

 

इसके मुकाबले Instamart और Zepto अभी profitability की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन दोनों के सामने बड़ा घाटा मौजूद है। Instamart ने अपने contribution economics में सुधार किया है और Q1 FY27 में उसका contribution margin करीब -0.2 से -0.3 फीसदी के आसपास रहा। वहीं Zepto ने FY26 की चौथी तिमाही में करीब ₹1,247.5 करोड़ का adjusted EBITDA loss दर्ज किया था।

इससे साफ है कि अब क्विक-कॉमर्स कंपनियों की सफलता का आकलन सिर्फ ऑर्डर वॉल्यूम या डार्क स्टोर की संख्या से नहीं किया जा सकता। असली परीक्षा यह है कि हर ऑर्डर पूरा करने की लागत निकालने के बाद कंपनी के पास कितना पैसा बचता है।

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