अगर आप होम लोन, कार लोन या किसी अन्य तरह के फ्लोटिंग रेट लोन की EMI चुका रहे हैं, तो रिजर्व बैंक के इस फैसले का असर आपकी जेब पर पड़ सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बुधवार, 7 अक्टूबर को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी का फैसला लिया है।
इस बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया है। यह करीब चार साल में पहली बार है जब RBI ने रेपो रेट में बढ़ोतरी की है।
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को अल्पावधि के लिए पैसा उपलब्ध कराता है। इसमें बदलाव होने पर बैंकों की फंडिंग लागत प्रभावित हो सकती है और इसका असर कर्ज की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।
खास तौर पर फ्लोटिंग ब्याज दर वाले होम लोन, कार लोन और अन्य ऋण लेने वाले ग्राहकों पर इसका असर देखने को मिल सकता है। हालांकि EMI में कितना बदलाव होगा, यह संबंधित बैंक की ब्याज दर, लोन की अवधि और बकाया राशि पर निर्भर करेगा।
RBI का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब महंगाई को लेकर दबाव बढ़ रहा है।


