नवरात्रि के नौ दिनों में व्रत रखने वाले लोग अपनी डाइट में कई तरह के पारंपरिक खाद्य पदार्थ शामिल करते हैं। किसी की थाली में साबूदाना खिचड़ी होती है, तो कोई कुट्टू की रोटी, सामक चावल, शकरकंद, दही और मूंगफली खाना पसंद करता है। ये सभी चीजें स्वाद और परंपरा के लिहाज से खास हैं, लेकिन पोषण के मामले में इनकी खूबियां अलग-अलग हैं।
कल्पना कीजिए कि व्रत में खाए जाने वाले सभी फूड्स एक परीक्षा में बैठे हैं। सवाल है—कौन शरीर को सबसे ज्यादा पोषण देता है? किसी के पास कार्बोहाइड्रेट की भरपूर मात्रा है, कोई प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, तो किसी में फाइबर, कैल्शियम और दूसरे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। ऐसे में सिर्फ पेट भरना और शरीर को पर्याप्त पोषण देना, दोनों अलग-अलग बातें हैं।
10 लोकप्रिय व्रत फूड्स का रिपोर्ट कार्ड
- राजगिरा: प्रोटीन, फाइबर और खनिजों के कारण पौष्टिक विकल्प। हालांकि, इससे बने लड्डुओं में चीनी और घी की मात्रा भी मायने रखती है।
- दही: प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत। सादा दही चुनना बेहतर है, क्योंकि मीठे दही में अतिरिक्त चीनी हो सकती है।
- मूंगफली: प्रोटीन और हेल्दी फैट उपलब्ध कराती है। इसमें कैलोरी भी अधिक होती है, इसलिए मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।
- कुट्टू: प्रोटीन और फाइबर देने वाला विकल्प। इसे तली हुई पूरियों के बजाय रोटी के रूप में खाना बेहतर हो सकता है।
- सामक चावल: ऊर्जा के साथ कुछ प्रोटीन और फाइबर भी देते हैं। मात्रा और पकाने का तरीका अहम है।
- शकरकंद: कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और बीटा-कैरोटीन का स्रोत। उबालकर या भूनकर खाने से इसे कम तेल में तैयार किया जा सकता है।
- मखाना: हल्का स्नैक, जिसमें कुछ प्रोटीन और खनिज मिलते हैं। ज्यादा घी या नमक डालने से इसकी पौष्टिकता का संतुलन प्रभावित हो सकता है।
- आलू: शरीर को ऊर्जा देने वाला खाद्य पदार्थ। इसे उबालकर या कम तेल में पकाना बेहतर विकल्प है।
- साबूदाना: कार्बोहाइड्रेट से भरपूर, लेकिन प्रोटीन और फाइबर बहुत कम। मूंगफली और दही के साथ लेने पर भोजन अधिक संतुलित हो सकता है।
- फल: फल के प्रकार के अनुसार फाइबर, विटामिन और खनिज मिलते हैं। साबुत फल खाना जूस के मुकाबले अधिक फाइबर दे सकता है।
तो किसे मिलेंगे सबसे ज्यादा नंबर?
अगर प्रोटीन और फाइबर को प्राथमिकता दी जाए, तो राजगिरा और कुट्टू जैसे विकल्प बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। दही कैल्शियम और प्रोटीन के लिए उपयोगी है, जबकि मूंगफली ऊर्जा, प्रोटीन और फैट देती है। शकरकंद और फल विटामिन व फाइबर की जरूरत पूरी करने में मदद करते हैं। वहीं, साबूदाना को ऊर्जा देने वाला विकल्प समझना चाहिए, न कि संपूर्ण पोषण का स्रोत।
नवरात्रि में सबसे अच्छा तरीका है कि भोजन में अलग-अलग पोषक तत्वों वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जाएं। केवल साबूदाना, आलू या तली हुई चीजों पर निर्भर रहने के बजाय दही, राजगिरा, कुट्टू, फल और सीमित मात्रा में मेवे शामिल करने से डाइट अधिक संतुलित बन सकती है।


