मेरठ सौरभ हत्याकांड: 590 दिन बाद मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, कोर्ट में 126 बार हुई सुनवाई

Daily Prime Desk
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मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। करीब 590 दिन तक चले घटनाक्रम और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद 14 अक्टूबर 2026 को अदालत ने दोनों दोषियों की सजा का ऐलान किया। इस मामले में कुल 126 तारीखें लगीं, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।

पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद लगभग 1,000 पन्नों का आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। जांच और साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में अपना पक्ष रखा। दोनों को 30 सितंबर 2026 को दोषी ठहराया गया था। इसके बाद अदालत ने सजा पर सुनवाई के लिए तारीख तय की।

मुस्कान ने बेटियों के भविष्य का दिया हवाला

सजा पर सुनवाई के दौरान मुस्कान ने अपनी दोनों बेटियों के भविष्य का हवाला देते हुए अदालत से रहम की अपील की। उसने अपनी पारिवारिक परिस्थितियों को सामने रखते हुए नरमी बरतने की मांग की।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के वकीलों के बीच करीब 45 मिनट तक बहस हुई। बचाव पक्ष ने सजा में नरमी की मांग करते हुए मुस्कान के माता-पिता और पारिवारिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया।

वहीं, अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर कड़ी सजा की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाया।

54 दिन में दाखिल हुई थी चार्जशीट

इस मामले में पुलिस ने करीब 54 दिन की जांच के बाद लगभग 1,000 पन्नों का आरोप-पत्र अदालत में दाखिल किया था। मुकदमे के दौरान 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और कुल 126 तारीखों पर सुनवाई हुई।

लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया और फिर 14 अक्टूबर को सजा सुनाई। इस फैसले के साथ सौरभ राजपूत हत्याकांड ने एक महत्वपूर्ण कानूनी पड़ाव पार किया है। हालांकि, मृत्युदंड के फैसले के बाद कानून के तहत आगे की न्यायिक प्रक्रिया के विकल्प भी उपलब्ध रहते हैं।

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