भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिशें तेज होती दिखाई दे रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते के काफी करीब हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के साथ होने वाली डील अमेरिका के अन्य देशों के साथ किए गए समझौतों से अलग होगी।
ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह टिप्पणी की। हालांकि, उन्होंने प्रस्तावित समझौते की विस्तृत शर्तों या इसके संभावित आर्थिक प्रभाव के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नया समझौता भारतीय निर्यातकों, अमेरिकी कंपनियों या दोनों देशों के उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलाव लेकर आएगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी हाल में व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि समझौते पर करीब 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और दोनों देश अंतिम चरण में हैं। रुबियो के अनुसार, कुछ मुद्दे अभी भी लंबित हैं, जिनमें समझौते की भाषा और कुछ शर्तों की व्याख्या शामिल है।
भारत और अमेरिका के बीच बातचीत के दौरान टैरिफ का मुद्दा महत्वपूर्ण रहा है। ट्रंप प्रशासन ने पहले भारत पर टैरिफ लगाए थे, जिनमें रूस से ऊर्जा खरीदने से जुड़ा अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था। इन कदमों के बाद व्यापार वार्ता की परिस्थितियां बदलीं और दोनों पक्षों को समझौते की शर्तों पर दोबारा चर्चा करनी पड़ी।
इस बीच, दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत जारी है। भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने समझौते के विवरण पर चर्चा की है। दोनों पक्षों के हालिया बयानों से पता चलता है कि लंबित मुद्दों पर सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, समझौते की घोषणा होने तक इसे अंतिम रूप से संपन्न नहीं माना जा सकता। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों देश शेष मतभेदों को कैसे सुलझाते हैं और समझौते पर हस्ताक्षर के लिए क्या समयसीमा तय होती है।


