Weather Update: केदारनाथ में कड़ाके की ठंड, केरल में ट्रेन हादसा, मध्य प्रदेश में बारिश की आशंका

Daily Prime Desk
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उत्तराखंड, केरल और मध्य प्रदेश में मौसम से जुड़ी अलग-अलग परिस्थितियां सामने आई हैं। केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बाद तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की जानकारी है। केरल में भूस्खलन के कारण एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन पटरी से उतर गया, जबकि मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

उत्तराखंड: बर्फबारी के बाद पाइपलाइन जमने से परेशानी

केदारनाथ धाम में बुधवार को हुई बर्फबारी के बाद गुरुवार सुबह कड़ाके की ठंड पड़ने की खबर है। तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की जानकारी के बीच पानी की पाइपलाइन जम गई, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के चारधाम क्षेत्र संबंधी पूर्वानुमान में केदारनाथ मार्ग के ऊंचाई वाले हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना का उल्लेख है।

केरल: भूस्खलन के बाद ट्रेन का इंजन बेपटरी

तिरुवनंतपुरम जिले में पारसाला रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार तड़के भूस्खलन हुआ। इसके बाद बिलासपुर-तिरुनेलवेली एक्सप्रेस का इंजन पटरी से उतर गया। घटना के समय बारिश हो रही थी। रेलवे ने राहत इंजन भेजा और प्रभावित रेलखंड पर बहाली का काम शुरू किया। समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में यात्री और रेल कर्मचारी सुरक्षित थे, हालांकि कुछ ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

मध्य प्रदेश: तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना

मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में मौसम बदलने का अनुमान है। इंदौर, आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन समेत कई जिलों में बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के 21 अक्टूबर को जारी पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए 22 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दर्ज की गई थी।

यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए जरूरी सलाह

पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए केदारनाथ और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में जाने वाले लोग मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की ताजा सलाह देखें। केरल में रेल यात्रियों को ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करके ही यात्रा करनी चाहिए। मध्य प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं की संभावना वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों और कमजोर अस्थायी ढांचों के पास सावधानी बरतना उचित होगा।

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