उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर निर्वाचन विभाग ने गतिविधियां तेज कर दी हैं। मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए प्रदेशभर में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार, 16 नवंबर से 15 दिसंबर 2026 तक सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में अभियान संचालित होगा।
इस दौरान जिला निर्वाचन कार्यालयों में ईवीएम डिमॉन्स्ट्रेशन सेंटर (ईडीसी) स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर पहुंचकर मतदाता ईवीएम और वीवीपैट के इस्तेमाल की जानकारी ले सकेंगे। इसके अलावा मोबाइल डिमॉन्स्ट्रेशन वैन (एमडीवी) के माध्यम से दूर-दराज के गांवों और कस्बों तक पहुंच बनाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक मतदाताओं को जागरूक किया जा सके।
प्रदेश में उपलब्ध हैं हजारों ईवीएम और वीवीपैट
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड के 13 जिलों में कुल 12,543 पोलिंग स्टेशन हैं। इनके लिए प्रदेश में 27,700 बैलेट यूनिट, 36,553 कंट्रोल यूनिट और 25,697 वीवीपैट मशीनें उपलब्ध हैं। चुनावी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मशीनों की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है।
जिला स्तर पर तैयारियां शुरू
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को अभियान के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलों को ईवीएम प्रदर्शन केंद्रों की व्यवस्था करने और मोबाइल वैन के माध्यम से विधानसभा क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
अभियान का उद्देश्य मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक जानकारी देना और ईवीएम-वीवीपैट को लेकर उनकी शंकाओं का समाधान करना है। निर्वाचन विभाग की कोशिश है कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के मतदाताओं तक भी यह जानकारी पहुंचे।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस अभियान को तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है।


