Gen Z का फैसला: नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस सुशीला कार्की होंगी अंतरिम सरकार की कमान संभालने वाली

नेपाल में जारी राजनीतिक संकट के बीच एक बड़ा बदलाव हुआ है। लगातार प्रदर्शनों और उग्र माहौल के बाद अब देश की बागडोर पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को सौंपने की तैयारी है।
युवा आंदोलनकारियों ने कहा कि उन्हें किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं बल्कि निष्पक्ष और जनता का भरोसेमंद चेहरा चाहिए। इसी वजह से Gen Z ने ऑनलाइन मतदान और चर्चा कर सुशीला कार्की को अंतरिम नेता चुना।
सुशीला कार्की 2016-17 में नेपाल सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनी थीं। उनके नाम कई ऐतिहासिक फैसले दर्ज हैं—जिनमें भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्यवाही शामिल है। उनके कार्यकाल में एक मंत्री को जेल तक भेजा गया था।
उन्होंने अपनी आत्मकथा ‘Nyaya’ (न्याय) और उपन्यास ‘Kara’ लिखकर भी न्याय और समाज पर अपनी सोच को सामने रखा।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि अंतरिम सरकार का मकसद सिर्फ नई व्यवस्था और चुनाव तक स्थिरता बनाए रखना है। सुशीला कार्की ने भी कहा है कि वे केवल सीमित अवधि के लिए जिम्मेदारी उठाने को तैयार हैं।




