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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों से एक किलोमीटर क्षेत्र में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों के चारों ओर एक किलोमीटर की परिधि में सभी प्रकार की खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि इन संरक्षित क्षेत्रों के नजदीक खनन कार्य वन्यजीवों के लिए गंभीर रूप से हानिकारक और पर्यावरण के लिए विनाशकारी साबित हो सकते हैं।

यह आदेश उस याचिका की सुनवाई के दौरान आया जिसमें झारखंड के सरंडा वन्यजीव अभयारण्य और ससंगडाबुरू संरक्षण रिजर्व के आसपास हो रहे खनन कार्यों पर रोक लगाने की मांग की गई थी। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों के चारों ओर एक किलोमीटर का क्षेत्र “इको सेंसिटिव ज़ोन (ESZ)” माना जाएगा, जहां किसी भी प्रकार की खनन, निर्माण या स्थायी ढांचे की अनुमति नहीं होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस आदेश को पूरे देश में समान रूप से लागू किया जाए ताकि वन्यजीवों और पारिस्थितिकी तंत्र को दीर्घकालिक सुरक्षा मिल सके। कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया कि वे संबंधित क्षेत्रों की अधिसूचना जारी करें और सुनिश्चित करें कि इस आदेश का पालन सख्ती से हो। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि वनवासियों और आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत की जाएगी।

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