शिक्षा

26 फरवरी से CBSE का अनिवार्य मास मॉक इवैल्यूएशन शुरू, डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली पर शिक्षकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

देशभर के स्कूलों में परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में Central Board of Secondary Education (CBSE) ने बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने 26 फरवरी से कक्षा 11 और 12 के शिक्षकों के लिए अनिवार्य ‘मास मॉक इवैल्यूएशन’ सत्र शुरू करने का निर्णय लिया है।

बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह सत्र ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के तहत आयोजित किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया का प्रशिक्षण देना और वास्तविक उत्तर पुस्तिका जांच से पहले सिस्टम की कार्यक्षमता का परीक्षण करना है।

CBSE ने सभी संबद्ध स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि शिक्षक निर्धारित समय पर स्कूल से लॉगिन कर इस अभ्यास में भाग लें। सत्र के दौरान शिक्षकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करना होगा। यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने आती है तो उसकी रिपोर्ट बोर्ड को भेजी जाएगी।

इस पहल से मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता, सटीकता और गति बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। CBSE का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से परीक्षा परिणाम जारी करने की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित होगी।

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