CBSE का बड़ा बदलाव: रट्टा मार पढ़ाई पर ब्रेक, गलत सेक्शन में जवाब लिखा तो मिलेंगे सीधे 0 नंबर

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा प्रणाली में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करते हुए रट्टा मार पढ़ाई पर पूरी तरह लगाम लगाने का फैसला किया है। बोर्ड द्वारा लागू किए जा रहे नए नियमों के तहत अब केवल किताबों की लाइनें याद करके परीक्षा पास करना संभव नहीं होगा।
CBSE के अनुसार, अब कक्षा 10वीं की परीक्षाओं में लगभग 50 प्रतिशत प्रश्न कॉन्सेप्ट आधारित और असल जिंदगी से जुड़े होंगे, जिससे छात्रों की समझ और सोचने की क्षमता का सही मूल्यांकन किया जा सके। बोर्ड का मानना है कि इससे छात्र सिर्फ नंबर लाने के लिए नहीं, बल्कि ज्ञान हासिल करने के लिए पढ़ाई करेंगे।
सबसे अहम और सख्त नियम यह है कि साइंस और सोशल साइंस जैसे विषयों में यदि छात्र ने सही उत्तर गलत सेक्शन में लिखा, तो उस उत्तर को ‘Attempt Not Done’ माना जाएगा और उस प्रश्न के लिए सीधे 0 नंबर दिए जाएंगे, चाहे उत्तर पूरी तरह सही ही क्यों न हो।
इसके अलावा, CBSE ने छात्रों को राहत देते हुए साल में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का मौका देने का भी फैसला किया है। छात्र दोनों में से जो बेहतर स्कोर होगा, वही फाइनल रिजल्ट में जोड़ा जाएगा।
CBSE का यह नया सिस्टम शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक, समझ आधारित और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



