नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राजधानी काठमांडू के मेयर बालेन शाह के निर्देश पर एक विशेष जांच आयोग का गठन किया गया है, जो देश के सात पूर्व प्रधानमंत्रियों सहित 100 से अधिक प्रभावशाली व्यक्तियों की संपत्तियों की जांच करेगा। यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब देश में लंबे समय से पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे थे।
आयोग को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह संबंधित व्यक्तियों की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, विदेशी निवेश और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच करे। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं इन नेताओं और अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध संपत्ति तो नहीं अर्जित की।
सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम को नेपाल में सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई देश की राजनीतिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाने में अहम भूमिका निभा सकती है।


