भारतीय रुपये में लगातार कमजोरी और बढ़ते आयात बिल को देखते हुए केंद्र government ने बड़ा आर्थिक फैसला लिया है। सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को कम करना और रुपये की गिरावट को नियंत्रित करना बताया जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की मांग बढ़ने के कारण भारत में इनकी भारी मात्रा में आयात हो रही थी। इससे देश का व्यापार घाटा बढ़ रहा था और रुपये पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था। ऐसे में सरकार ने आयात को सीमित करने के लिए शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला लिया।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि आयात शुल्क बढ़ने से घरेलू बाजार में सोना और चांदी महंगे हो सकते हैं। इसका असर ज्वेलरी उद्योग और आम ग्राहकों दोनों पर देखने को मिल सकता है। हालांकि सरकार का मानना है कि यह कदम लंबी अवधि में भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिरता देने में मदद करेगा।


