डिजिटल इंडिया अभियान को नई मजबूती देते हुए DigiLocker ने अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ा दिया है। अब देशभर की 68 बिजली वितरण कंपनियां (DISCOMs) और पावर विभाग DigiLocker प्लेटफॉर्म से जुड़ गए हैं। इस कदम के बाद 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करोड़ों उपभोक्ता अपने प्रमाणित बिजली बिल डिजिटल रूप में आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
नई सुविधा के तहत उपभोक्ताओं को बिजली बिलों की हार्ड कॉपी संभालने की जरूरत नहीं होगी। वे DigiLocker ऐप या पोर्टल के माध्यम से कभी भी और कहीं भी अपने बिजली बिल डाउनलोड और साझा कर सकेंगे। इससे दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक सरल और सुरक्षित हो जाएगी।
सरकार का मानना है कि यह पहल पेपरलेस गवर्नेंस को बढ़ावा देने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। DigiLocker पहले से ही आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और शैक्षणिक प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेजों की डिजिटल सुविधा प्रदान कर रहा है।


