धनतेरस पर मालव्य राजयोग के साथ त्रिपुष्कर और आयुष्मान योग, खरीदारी के लिए खास रहेगा दिन

Daily Prime Desk
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शुक्रवार को बन रहा शुभ संयोग, ज्योतिषाचार्य अनिता पाराशर ने बताया पूजा और खरीदारी का महत्व

धनतेरस का त्योहार इस बार कई शुभ ज्योतिषीय संयोगों के बीच मनाया जाएगा। शुक्रवार को पड़ रहे इस पर्व पर मालव्य राजयोग के साथ त्रिपुष्कर, आयुष्मान और सौभाग्य योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य अनिता पाराशर के अनुसार, इन योगों में सोना-चांदी और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी के साथ देवी लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर देव की पूजा का विशेष महत्व है।

धनतेरस को धन, आरोग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग अपने घरों में सुख-शांति और खुशहाली की कामना करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं।

क्या है मालव्य राजयोग का महत्व?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मालव्य राजयोग को शुभ योगों में गिना जाता है। इस बार धनतेरस पर इसके साथ त्रिपुष्कर, आयुष्मान और सौभाग्य योग का संयोग भी बताया जा रहा है। इसी वजह से इस दिन खरीदारी और धार्मिक अनुष्ठानों को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

शाम को इस समय करें लक्ष्मी-कुबेर पूजन

धनतेरस पर लक्ष्मी-कुबेर पूजा के लिए शाम 6:01 बजे से 7:58 बजे तक का समय शुभ बताया गया है। श्रद्धालु इस दौरान माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा कर सकते हैं।

त्रयोदशी तिथि का समय

कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुक्रवार सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी और 7 नवंबर की सुबह 10:47 बजे तक रहेगी।

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