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सोशल मीडिया प्रतिबंध से शुरू हुई चिंगारी, कैसे नेपाल की राजनीति में लगी आग ने ली पूर्व पीएम की पत्नी की जान

नेपाल में चल रहा संकट केवल एक सोशल मीडिया प्रतिबंध का नतीजा नहीं है। यह वर्षों से जमा असंतोष, भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और सत्ता की जवाबदेही की कमी का विस्फोट है। सरकार ने हाल ही में 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पाबंदी लगाई थी। इसका विरोध करते हुए युवाओं ने “Gen-Z आंदोलन” की शुरुआत की।

 

यह आंदोलन तेजी से हिंसक होता गया। संसद, प्रधानमंत्री कार्यालय (सिंहदरबार), सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति भवन तक को प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया। इन्हीं घटनाओं के बीच डल्लु इलाके में प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री झलानाथ खनाल के आवास पर आग लगा दी। इसमें उनकी पत्नी, राज्यलक्ष्मी चित्रकार, आग की चपेट में आ गईं। अस्पताल में भर्ती कराने के बावजूद उनकी मौत हो गई।

 

इस घटना ने नेपाल की राजनीति में भूचाल ला दिया। प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने इस्तीफ़ा दे दिया और राष्ट्रपति ने सभी पक्षों से संवाद का आग्रह किया।

 

स्पष्ट है कि नेपाल का यह आंदोलन केवल सोशल मीडिया आज़ादी का सवाल नहीं है, बल्कि यह सत्ता के ढांचे और शासन की विफलताओं पर जनता की प्रतिक्रिया है।

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