धर्म/संस्कृति

Navratri 2025: आज से शुरू हुआ शारदीय नवरात्र, जानें पहले दिन का महत्व और शुभ समय

22 सितंबर 2025, सोमवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। माता दुर्गा के स्वागत के लिए पूरे देश में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

 

पंचांग के अनुसार, आज प्रतिपदा तिथि है, जो 10:43 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। घटस्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 6:12 से 7:45 बजे तक रहा। इसी अवधि में भक्तों ने घर और मंदिरों में कलश स्थापना कर मां दुर्गा का आह्वान किया।

 

नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन मां शैलपुत्री की आराधना करने से साधक को शक्ति, धैर्य और जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

 

आज का राहुकाल सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक रहेगा। इस समय शुभ कार्यों से परहेज करना चाहिए। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:45 बजे तक है, जो हर प्रकार के मंगल कार्य के लिए उत्तम माना जाता है।

 

यह नवरात्रि 30 सितंबर तक चलेगी और प्रत्येक दिन देवी के अलग-अलग स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाएगी। विजयादशमी के दिन मां दुर्गा की विदाई होगी।

आज से शुरू हुई शारदीय नवरात्रि में भक्तों ने सुबह-सुबह मंदिरों और घरों में कलश स्थापित किए। Ghatasthapana का मुहूर्त कई प्रमुख पंचांगों में सुबह के पहले-पहले घंटे में दर्शाया गया है (~06:09–08:06), पर स्थानानुसार यह समय हल्का बदल सकता है — इसलिए लोकल पंचांग की पुष्टि कर लें।

नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है; दिन भर के शुभ और अशुभ काल (जैसे राहुकाल) के अनुसार अभ्यर्थना/पूजा का समय चुना जाना चाहिए — आज का राहुकाल अधिकांश तालिकाओं में ~07:30–09:00 दिख रहा है।

सारांश रूप में: महा-नवमी (Navami) — 1 अक्टूबर 2025, और विजयादशमी/दशहरा — 2 अक्टूबर 2025। यह वही कैलेंडर-अनुसार समापन है जिसे बड़े पंचांग/समाचार स्रोत रिपोर्ट कर रहे हैं।

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