देशभर में मकर संक्रांति और पोंगल की धूम, पंचांग के अनुसार मुख्य स्नान-दान 15 जनवरी को

देशभर में आज मकर संक्रांति और पोंगल का पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक मंदिरों, घाटों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना, दान-पुण्य और पारंपरिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। हालांकि, कुछ पंचांगों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मकर संक्रांति का मुख्य पुण्यकाल और स्नान-दान 15 जनवरी 2026 को अधिक शुभ माना गया है।
मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है और इसी के साथ खरमास समाप्त होकर शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। गंगा, यमुना, गोदावरी और अन्य पवित्र नदियों के तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग तिल, गुड़, खिचड़ी, दही-चूड़ा और गजक जैसे पारंपरिक व्यंजनों का सेवन कर रहे हैं और जरूरतमंदों को दान दे रहे हैं।
दक्षिण भारत में यह पर्व पोंगल के रूप में मनाया जा रहा है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में लोग अपने घरों को रंगोली से सजाकर सूर्य देव को धन्यवाद देते हैं। किसान समुदाय इस दिन अच्छी फसल के लिए ईश्वर का आभार प्रकट करता है।
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष सूर्य का मकर राशि में प्रवेश देर रात होने के कारण कुछ स्थानों पर मुख्य धार्मिक अनुष्ठान 15 जनवरी को किए जाएंगे। इसी वजह से कई श्रद्धालु आज उत्सव मना रहे हैं, जबकि स्नान-दान और विशेष पूजा कल करेंगे।




