सोने की कीमतों ने तोड़ा आम जनता का भरोसा, दशहरा पर 25% घटी ज्वेलरी बिक्री – 18 टन पर सिमटी मांग

त्योहारी सीजन में सोना खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन इस बार दशहरा पर लोगों की जेब पर सोने की चमक भारी पड़ गई। सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण इस साल ज्वेलरी की बिक्री में भारी गिरावट देखने को मिली।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, इस बार दशहरा पर सोने की बिक्री लगभग 25% कम रही। पिछले वर्ष जहां दशहरा के अवसर पर करीब 24 टन सोना बिका था, वहीं इस साल यह आंकड़ा घटकर 18 टन पर आ गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस साल दशहरा के दिन सोने की कीमत ₹1,16,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 48% अधिक है।
ज्वेलरी की कीमत में केवल सोने का रेट ही नहीं, बल्कि 3% GST और 15% से 30% तक मेकिंग चार्ज भी ग्राहकों को देना पड़ रहा है, जिससे लोगों ने खरीदारी कम कर दी।
IBJA के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता के अनुसार, हालांकि बिक्री में कमी आई है, लेकिन कई उपभोक्ताओं का मानना है कि आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं, इसलिए वे धीरे-धीरे खरीदारी कर रहे हैं।
त्योहारी सीजन में कई ग्राहक अब नई ज्वेलरी खरीदने की बजाय पुराने सोने का एक्सचेंज करवा रहे हैं। ऐसे एक्सचेंज से बिक्री में लगभग 50–55% योगदान आ रहा है।
दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में लोगों ने इस बार सोने की ज्वेलरी की जगह गोल्ड बार और कॉइन खरीदना अधिक पसंद किया।




