
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने शक्तिशाली रॉकेट PSLV-C62 के माध्यम से ‘अन्वेषा’ (Anvesha) उपग्रह सहित कुल 14 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया है। यह मिशन भारत की सुरक्षा, निगरानी, कृषि अनुसंधान और आपदा प्रबंधन क्षमताओं को नई मजबूती देगा।
श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किए गए इस रॉकेट ने तय समय पर उड़ान भरते हुए सभी उपग्रहों को उनकी निर्धारित कक्षाओं में स्थापित किया। ‘अन्वेषा’ एक उन्नत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है, जिसे खास तौर पर सीमा निगरानी, प्राकृतिक संसाधनों के आकलन, कृषि निगरानी और आपदा चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है।
इस मिशन के जरिए भारत की सैटेलाइट आधारित निगरानी क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। इससे फसल पैटर्न, सूखा, बाढ़, जंगलों की स्थिति और शहरी विस्तार पर भी बेहतर नजर रखी जा सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘अन्वेषा’ उपग्रह से मिलने वाला डेटा किसानों, नीति-निर्माताओं और सुरक्षा एजेंसियों सभी के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
ISRO प्रमुख ने मिशन की सफलता पर टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारत को स्पेस टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और मजबूत कदम है। आने वाले समय में इस मिशन के डेटा से कई सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।



