भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देते हुए एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक समझौता अब लागू हो गया है। इस समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों, एयरबेस और बंदरगाहों का उपयोग कर सकेंगे, जिससे सैन्य संचालन और आपूर्ति व्यवस्था पहले से अधिक आसान हो जाएगी।
यह समझौता दोनों देशों की सेनाओं को ईंधन, मरम्मत, सप्लाई और अन्य जरूरी सुविधाएं साझा करने की अनुमति देता है। इसके जरिए संयुक्त सैन्य अभ्यासों और मिशनों को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल भारत-रूस रक्षा संबंधों को नई ऊंचाई देगा, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर दोनों देशों की रणनीतिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।


