G7 का बड़ा फैसला, इमरजेंसी रिजर्व से जारी होंगे 10 करोड़ बैरल तेल-डीजल; ऊर्जा निर्यात पर रोक नहीं

Daily Prime Desk
2 Min Read

दुनिया में बढ़ती ईंधन कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता के बीच G7 देशों ने बड़ा फैसला लिया है। G7 नेताओं ने अपने आपातकालीन भंडार से कुल 100 मिलियन बैरल यानी करीब 10 करोड़ बैरल कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को बाजार में जारी करने पर सहमति जताई है। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करना और ईंधन बाजार में कीमतों के दबाव को कम करना है।

G7 के संयुक्त बयान के मुताबिक, यह रिलीज तत्काल शुरू की जाएगी और चार महीने तक चलेगी। इसमें शुरुआती 20 दिनों के भीतर डीजल की बड़ी मात्रा बाजार में लाने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा G7 देशों ने एक-दूसरे के बीच ऊर्जा और ऊर्जा उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध नहीं लगाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है।

यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और यूरोप में डीजल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। Reuters के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने यूरोप से उसके आपातकालीन डीजल भंडार को बाजार में लाने का आग्रह किया था। अमेरिका में डीजल की ऊंची कीमतों के बीच अमेरिकी प्रशासन पर घरेलू ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने का दबाव भी बढ़ा है।

इससे पहले अमेरिका की ओर से डीजल निर्यात पर संभावित रोक की चेतावनी ने यूरोपीय बाजार में चिंता बढ़ाई थी। यूरोप अमेरिकी डीजल आपूर्ति पर काफी निर्भर है, ऐसे में निर्यात प्रतिबंध से वहां ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। G7 का ताजा फैसला इसी दबाव के बीच ऊर्जा बाजार में आपूर्ति बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम है।

Share This Article