पुतिन का दो दिवसीय भारत दौरा: रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक साझेदारी पर दुनिया की निगाहें

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज भारत के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। यह यात्रा भारत-रूस रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है, इसलिए दुनिया भर के विश्लेषकों की विशेष नज़र इस मुलाकात पर टिकी हुई है। पुतिन अपने लगभग 28–30 घंटे के प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्च-स्तरीय वार्ता करेंगे जिसमें रक्षा सहयोग, ऊर्जा समझौते, व्यापार विस्तार, तेल–गैस सप्लाई, परमाणु ऊर्जा और आर्थिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
राष्ट्रपति पुतिन की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक राजनीति, यूक्रेन संघर्ष और बदलते ऊर्जा बाज़ारों ने दुनिया में नई समीकरण खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और रूस दोनों देशों के लिए यह मुलाकात ‘रणनीतिक मोड़’ साबित हो सकती है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच नई रक्षा डील, S-400, लड़ाकू विमान, और संयुक्त उत्पादन से जुड़े फैसले भी लिए जा सकते हैं।
दौरे के पहले दिन पुतिन और पीएम मोदी के बीच निजी रात्रिभोज भी प्रस्तावित है, जिसे दोनों नेताओं के बीच गहरी समझ और विश्वसनीयता का संकेत माना जाता है। कुल मिलाकर, यह यात्रा बहुपक्षीय संबंधों में नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।




