मकर संक्रांति पर कुमाऊं में घुघुतिया की धूम, बच्चों ने कौवों को दिया घुघुत का न्योता

पूरे प्रदेश में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी बीच कुमाऊं क्षेत्र में पारंपरिक और प्रसिद्ध घुघुतिया (काले कौवा) त्योहार की खास रौनक देखने को मिली। अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर, रानीखेत और आसपास के इलाकों में बच्चों ने घुघुत (विशेष प्रकार के मीठे पकवान) की माला पहनकर कौवों को आमंत्रित किया।
सुबह-सुबह बच्चों ने अपने घरों की छतों और आंगनों में खड़े होकर “काले कौवा आ… घुघुति खा” जैसे लोकगीत गाते हुए कौवों को बुलाया। माना जाता है कि इस परंपरा से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। घुघुतिया पर्व कुमाऊं की लोकसंस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है।
इस अवसर पर घरों में विशेष रूप से घुघुत, खजूर, तिल-गुड़ के लड्डू और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाए गए। बड़ों ने बच्चों को माला पहनाई और उन्हें कौवों को खिलाने के लिए प्रोत्साहित किया। बाजारों में भी घुघुत और पारंपरिक मिठाइयों की खूब बिक्री देखी गई।




