कोलकाता के तारातला क्षेत्र में एक दर्दनाक निर्माण हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक निर्माणाधीन बहुमंजिला वेयरहाउस (गोदाम) की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे कई मजदूर और कर्मचारी मलबे के नीचे दब गए। बचाव एवं राहत कार्य लगातार जारी रहने के बीच मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय किया और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), दमकल विभाग तथा स्थानीय पुलिस की टीमों को मौके पर तैनात किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था और बड़ी संख्या में श्रमिक परिसर में मौजूद थे। छत गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बचाव दल ने घंटों की मशक्कत के बाद कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि घायल व्यक्तियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तत्काल उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों में निर्माण डिजाइन और संरचनात्मक सुरक्षा मानकों में संभावित खामियों की आशंका जताई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कराई जाएगी।
साथ ही राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर कोलकाता शहर में चल रही कई निर्माण परियोजनाओं को 31 जुलाई तक अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। प्रशासन का कहना है कि सभी परियोजनाओं का सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


