करवा चौथ का त्योहार इस बार 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। त्योहार में सरगी की रस्म का विशेष महत्व है। खासतौर पर शादी के बाद पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए यह रस्म यादगार होती है। परंपरा के अनुसार, कई परिवारों में सास अपनी बहू को सरगी देती हैं। इसमें फल, मिठाई, मेवे, कपड़े और सुहाग से जुड़ी वस्तुएं शामिल की जाती हैं।
सरगी सूर्योदय से पहले खाई जाती है। इसके बाद महिलाएं अपनी पारिवारिक और धार्मिक परंपरा के अनुसार व्रत शुरू करती हैं। ऐसे में सरगी की थाली तैयार करते समय केवल मिठाइयों पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित और पौष्टिक भोजन शामिल करना बेहतर हो सकता है।
1. फल से करें सरगी की शुरुआत
सरगी में केला, सेब, अनार, पपीता और अन्य मौसमी फल शामिल किए जा सकते हैं। फलों से शरीर को कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन और खनिज मिलते हैं। इनमें मौजूद पानी भी शरीर में तरल पदार्थों की पूर्ति में मदद कर सकता है। अपनी पसंद और पाचन के अनुसार फलों का चुनाव करें।
2. मेवे देंगे पोषण
बादाम, अखरोट, काजू और किशमिश जैसे मेवे सरगी का हिस्सा हो सकते हैं। इनमें से कई मेवों में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट पाए जाते हैं। इनका सीमित मात्रा में सेवन करने से भोजन अधिक पौष्टिक बन सकता है। हालांकि, बहुत अधिक मात्रा में मेवे खाने से बचना चाहिए।
3. दूध, दही या पनीर को दें जगह
दूध, दही और पनीर प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। सरगी में अपनी पसंद के अनुसार दूध, दही या पनीर शामिल किया जा सकता है। दूध में बनी सेवइयां या फेनी भी कई परिवारों में पारंपरिक रूप से खाई जाती हैं। कोशिश करें कि भोजन में पोषण और स्वाद के बीच संतुलन बना रहे।
4. दलिया, ओट्स या हल्का घरेलू भोजन
दलिया, ओट्स, पोहा या कम तेल में बना पराठा जैसे विकल्प सरगी को अधिक संतुलित बना सकते हैं। साबुत अनाज से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देते हैं, जबकि फाइबर पेट भरा रखने में मदद कर सकता है। अपनी भूख और दिनचर्या के अनुसार भोजन की मात्रा तय करें।
5. पानी और तरल पदार्थों का रखें ध्यान
व्रत शुरू करने से पहले पर्याप्त पानी पीना महत्वपूर्ण है। नारियल पानी, दूध या अन्य उपयुक्त तरल पदार्थ भी सरगी का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, केवल एक बार अधिक पानी पीने के बजाय पहले से पर्याप्त हाइड्रेटेड रहना बेहतर है।
सरगी में किन चीजों से बचें?
सरगी में बहुत अधिक नमकीन, तली-भुनी और मसालेदार चीजें खाने से प्यास या पेट में भारीपन बढ़ सकता है। बहुत ज्यादा मिठाई खाने के बजाय संतुलित भोजन चुनें। चाय-कॉफी पीने की आदत है तो अधिक मात्रा से बचें, खासकर यदि कैफीन से बेचैनी या एसिडिटी होती है।
पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं इन बातों का रखें ध्यान
सरगी की परंपरा और उसमें शामिल खाद्य पदार्थ परिवार तथा क्षेत्र के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए किसी एक निश्चित मेन्यू का पालन करना जरूरी नहीं है। अपनी भूख, स्वास्थ्य और भोजन संबंधी जरूरतों के अनुसार सरगी तैयार करें।
ध्यान रखें कि सरगी पौष्टिक होने के बावजूद पूरे दिन बिना भोजन और पानी के रहने से होने वाली परेशानी को पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं देती। गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा मधुमेह, किडनी संबंधी समस्या या अन्य स्वास्थ्य स्थितियों से जूझ रही महिलाओं को निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।


