देहरादून। सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल में तीन दिवसीय उत्तर भारतीय अमेरिकन फील्ड सर्विस (एएफएस) राष्ट्रीय क्षेत्रीय बैठक आयोजित की जा रही है। इस वर्ष की अध्यक्षता सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल के द्वारा की जा रही है। एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ बैठक का भव्य शुभारम्भ हुआ। इस कार्यक्रम में 37 से अधिक एएफएस सदस्य स्कूलों के डायरेक्टर, प्रिंसिपल, शिक्षाविद और विद्यार्थी बड़े उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। अमेरिकन फील्ड सर्विस, जिसे एएफएस के नाम से जाना जाता है, एक अंतरराष्ट्रीय युवा विनिमय संगठन है, जिसमें 50 से अधिक स्वतंत्र, गैर-लाभकारी संगठन शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक के पास स्वयंसेवकों का अपना नेटवर्क, पेशेवर कर्मचारी कार्यालय, स्वयंसेवक निदेशक मंडल और वेबसाइट हैं। एएफएस दुनिया भर में स्कूल-छात्रों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से अंतर-सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने के विभिन्न अवसर प्रदान करता है। यह दुनिया भर के सभी सदस्य स्कूलों में छात्रों और शिक्षकों के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों की सुविधा भी प्रदान करता है। कार्यक्रम के मुख्य अथिति लेखक, शिक्षाविद् एवं पूर्व निदेशक लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय शिक्षण संस्थान, मसूरी श्री संजीव चोपड़ा रहें, उन्होंने समावेश का जीवन में महत्त्व पर प्रकाश डालाI एएफएस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री दिया बेजल ने एएफएस के एजेंडा पर प्रकाश डालाI बोर्डिंग स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुमेर बहादुर सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल के हेडमास्टर श्री राशिद शरफुद्दीन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि इस बार ‘समावेश’ थीम पर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह बैठक विद्यार्थियों में समान अवसर, विशेषकर अशक्त, वंचित लोगों की क्षमता में विकास और सुधार पर विचार कर एक प्लेटफार्म प्रदान करना है। साथ ही महिला स्वास्थ्य एवं मासिक चक्र के दौरान स्वच्छता को बढ़ावा देने, सेनेटरी पैड की उपयोगिता के साथ शिक्षित करने के उद्देश्य को महत्वपूर्ण बतायाI रविवार 21 अप्रैल को बैठक के समापन पर पीएमवी कैंचीवाला, अटकफार्म पर विद्यार्थियों के लिए ‘मासिक धर्म स्वच्छता: एक चर्चा’ पर एक अत्यधिक इंटरैक्टिव विचार-मंथन सत्र आयोजित किया जायेगा, जिसमें प्रिंसिपलों, शिक्षकों और छात्रों को एएफएस के भविष्य के प्रक्षेप पथ पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ लाया जायेगा। इस सत्र में संगठन की उपलब्धियों, चुनौतियों का पता लगा जायेगा और क्षेत्र में छात्रों की भागीदारी को अधिकतम करने के लिए बहुमूल्य सुझाव दिए जायेंगे। यह छात्रों को अंतरराष्ट्रीय समझदारी, सांस्कृतिक विविधता और भाषाई कौशल में वृद्धि करने का मौका देगा। एएफएस के तहत, छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों में शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अनुभवों को समझने का अवसर मिलेगा। यह उन्हें ग्लोबल नागरिकता की दृष्टि से अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा।
उत्तर भारतीय एएफएस राष्ट्रीय क्षेत्रीय बैठक का शुभारम्भ
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