मुंबई में प्रदूषण संकट गहराया, BMC ने लागू किया GRAP-4; निर्माण कार्यों पर सख्त रोक

दिल्ली-NCR की तरह अब मुंबई की हवा भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है, जिसके बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शहर के सबसे प्रदूषित इलाकों में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-4) लागू कर दिया है। शहर में लगातार बढ़ते प्रदूषण और कई क्षेत्रों में AQI के ‘Poor’ से ‘Very Poor’ श्रेणी में बने रहने के चलते यह बड़ा कदम उठाया गया है।
BMC की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर के दौरान मुंबई में हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ी। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC), अंधेरी, मुलुंड, मलाड और घाटकोपर जैसे इलाकों में धूल और औद्योगिक उत्सर्जन के कारण प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। स्थिति गंभीर होने पर प्रशासन ने GRAP-4 के तहत सभी तरह के कंस्ट्रक्शन और डिमॉलिशन गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया है।
इसके साथ ही BMC की उड़न दस्ते (Flying Squads) शहरभर में तैनात कर दिए गए हैं, जो निर्माण स्थलों, सीमेंट प्लांट्स, RMC यूनिट्स और प्रदूषण फैलाने वाले छोटे उद्योगों की निगरानी कर रहे हैं। अब तक 50 से अधिक निर्माण परियोजनाओं को ‘Stop-Work Notice’ जारी किया जा चुका है।
प्रशासन ने उद्योगों को निर्देश दिया है कि वे धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव, शीट कवरिंग, एंटी-स्मॉग गन और प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का उपयोग करें। नियमों का पालन न करने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
मुंबई में GRAP-4 लागू होने का अर्थ है कि वायु गुणवत्ता अब बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव, समुद्री हवाओं में कमी और लगातार निर्माण कार्यों के चलते प्रदूषण कम नहीं हो पा रहा है। BMC ने लोगों से आवश्यक कार्यों के अलावा बाहर न निकलने और मास्क पहनने की सलाह दी है।




