भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने एक रिपोर्ट जारी कर कहा कि भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCCs) तेजी से फैल रहे हैं। इनकी क्षमता को पूरी तरह उपयोग में लाने के लिए एक नेशनल GCC पॉलिसी बनाई जानी चाहिए।
CII का आकलन है कि इस सेक्टर से देश की GDP को अगले पांच वर्षों में 600 बिलियन डॉलर का लाभ मिल सकता है। साथ ही, इसमें 20 से 25 मिलियन तक रोजगार सृजित करने की भी संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति भारत को टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सॉल्यूशन के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व दिला सकती है।


